116.84 करोड़ रुपये घोटाला: मुख्य आरोपी अनुभव मिश्रा की अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी का रास्ता साफ
₹116.84 Crore Municipal Scam: Main
नगर निगम और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से हुए 116.84 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में मुख्य आरोपी और नगर निगम के आउटसोर्स अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा को बड़ा कानूनी झटका लगा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
घोटाला सामने आने के बाद से फरार चल रहे अनुभव मिश्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तीसरी बार अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। इससे पहले वह दो बार याचिका दाखिल कर चुका था, लेकिन दोनों बार उसे वापस ले लिया था। इस बार उसने खुद को निर्दोष बताते हुए राहत की मांग की थी, जिस पर अदालत ने सीबीआई से जवाब मांगा था।
मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
मार्च 2026 में सामने आए इस कथित घोटाले में जांच एजेंसियां अब तक 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। जांच के अनुसार, अनुभव मिश्रा इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख किरदारों में शामिल है। आरोप है कि नगर निगम की अकाउंट्स शाखा में कार्यरत रहते हुए उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्मार्ट सिटी फंड की बड़ी राशि को डायवर्ट कर करोड़ों रुपये का गबन किया।
अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सीबीआई के लिए फरार आरोपी अनुभव मिश्रा की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। जांच एजेंसी का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से इस घोटाले से जुड़े अन्य बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है।